भारत में गैर सरकारी संगठन के Registration करने की Process तीन तरह से की जाती है या हम ऐसा भी कह सकते है की NGO को तीन अधिनियम में से किसी एक अधिनियम में Registration कर सकते है और ये तीन अधिनियम क्या है चलिए जानते है इसके बारे में।

Trust Act
भारत के अलग-अलग राज्यों में Trust अधिनियम होते है लेकिन अगर किसी राज्य में कोई Trust अधिनियम नही है तो उस राज्य में 1882 Trust Act लागू होता है इस अधिनियम के अंतर्गत कम से कम दो Trustees होना आवश्यक है|

इस अधिनियम के अंतर्गत NGO का Registration करने के लिए आपको Charity Commissioner या Registrar के Office में आवेदन देना होगा Trust Act के अंतर्गत NGO Register करने के लिए आपको Deed नामक Document की आवश्यकता होती है।

Society Act
इस Act के अंतर्गत Registration के लिए Memorandum Of Association And Rules And Regulation Document की आवश्यकता होती है। यह Document बहुत ही महत्वपूर्ण होता है इस Document को बनाने के लिए कम से कम 7 सदस्यों की आवश्यकता होती है ना की स्टाम्प Paper की आवश्यकता पड़ती है।

NGO को Society के रूप में Register किया जाता है लेकिन कुछ राज्यों में जैसे- महाराष्ट्र राज्य में Society Act के तहत NGO को Trustee के तौर पर भी Registered किया जा सकता है।

Companies Act
Companies Act के अंतर्गत NGO का Registration करने के लिए Memorandum And Articles Of Association And Regulation Document की आवश्यकता होती है|

इस Document को बनाने के लिए किसी भी प्रकार के स्टाम्प Paper की जरुरत नही होती है इस Document को बनाने के लिए कम से कम तीन सदस्यों का होना जरूरी है इस अधिनियम में गैर सरकारी संगठन को Companies Act के अंतर्गत Registration किया जाता है।

 

 

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